सूरज पर हाइकु
1
रवि-प्रकाश
उम्मीदों की टोकरी
ले आया साथ।
2
ऊर्जा का स्त्रोत
तम का विनाशक
मरीचि पोत्र।
3
भोर-किरण
प्रकृति का सौभाग्य
धरा-मिलन
4
गुस्से में लाल
क्षितिज पर रवि
डालें गुलाल।
5
नभ में पक्षी
पकड़े दिवाकर
गीत गाकर।
6
बंजारा रवि
दिन भर करता
तम् से युद्ध।
7
अंगारे फेंके
भर-भर के बाल्टी
जेठ में रवि
8
सूर्य पे भेजे
अग्निशामक दल
इंद्र से बोलो।
9
हमारी सुने
क्यों ऐसे भुने रहे?
ज्यों चने भुने।
©कपिल कुमार
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